भारतीय चित्त मानस और काल : धर्मपाल द्वारा मुफ्त हिंदी पीडीएफ पुस्तक | Bhartiya Chitt Manas Aur Kaal : by Dharmpal Free Hindi PDF Book

पुस्तक का विवरण : हमारे पैरों के नीचे कोई जमीन नहीं है| अपने चित्त व काल का अपना कोई चित्र नहीं है| अपनी कोई विश्वदृष्टि नहीं है| इसलिए ठीक-थक चलने वाले समाजों के लोग जो बातें सहज ही जान जाते हैं वही बातें हमे भूलभुलैया में डाले रखती हैं| राज समाज व व्यक्ति के आपसी सम्बन्ध क्या होते हैं? किन-किन क्षेत्रों में इनमें किस-किसकी प्रधानता होती है? व्यक्ति-व्यक्ति के बीच सम्बन्ध के आधार क्या हैं? शील क्या होता है? शिष्ट आचरण क्या होता है? शिक्षा क्या होती है? सौन्दर्य क्या होता है? इस प्रकार के अनेक प्रश्न हैं जिनके उत्तर एक स्वस्थ समाज में किसीको खोजने नहीं पड़ते…………..

Description about eBook : There is no land under our feet. There is no picture of my mind and time. You have no worldview. Therefore, the things that are easily understood by the well-tired societies keep the same things in the maze. What are the relation between the society and the society? In which areas do they have the primacy? What are the basis of the relationship between a person? What is the motivation? What is decent conduct? What is education? What is beauty? There are many such questions which do not have to be answered in a healthy society………………

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