बृज के भक्त : ए बी एल कपूर द्वारा धार्मिक हिंदी पीडीएफ पुस्तक | Brij Ke Bhakt : By A B L Kapoor Religous Hindi PDF Book

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पुस्तक का विवरण: बंग देश के बाँकुड़ा जिले के पुरुनियापाट के श्री रसिकानंद प्रभु के कनिष्ठ पुत्र श्री नंद्किशोरदास गोस्वामी श्रीश्रीमननित्यानन्द प्रभु की सातवीं पीढ़ी में थे | वे शेशव से ही विषय विरक्त थे | नित्यानन्द-संतान होने के नाते वैष्णव शिष्टाचार के अनुसार वैष्णव मात्र के पूज्य थे | छोटे-बड़े, गृहस्थ और त्यागी सब उसी दृष्टि से उनका आदर करते थे | पर यह उनके भाव के प्रतिकूल था | इससे उन्हें हार्दिक कष्ट होता था………….

Description about eBook: Bang the Bakudha district Puruniapat Shri. Rasikanand Lord seventh youngest son of Lord Sri Nandkishordas Goswami was Srisrimannityanand. They were nonchalant from the topic since childhood. Being nityanand-child Vaishnava etiquette was sacred to the Vaishnava mere. Large and small, domestic and Solitaire was respected by all the terms. This was contrary to their sense. It pained him was hearty…………….

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