झूठा सच (देश का भविष्य) : यशपाल द्वारा मुफ्त हिंदी उपन्यास पीडीएफ पुस्तक | Jhootha Sach (Desh Ka Bhavishya) : by Yashpal Free Hindi Novel PDF Book 

पुस्तक का विवरण : पंडित जी ने सैय्यद के मकान खाली करने से पहले ही अपना सामान और अपनी पत्नी को मकान में पहुँचा दिया था| उन्हीं ने कुछ ही घंटों में, हिन्दू धर्म के नाते बजरंग से आत्मीयता स्थापित कर ली| अब तक बजरंग अपने मालिक की सेवा-रक्षा कर रहा था परंतु उस मालिक के हाथ का छुआ खाना-पीना अधर्म समझ कर ड्योढ़ी में ही सिमटा रहता था| ब्राह्मण स्वामी पाकर वह प्रसन्न हो गया| घर की सफाई करने में ‘माँ शैब’ (माँ साहिबा) की सहायता करने लगा| उस ने नल से पानी लेकर आँगन और कोठरियों को धोने में सहायता दी| बाजार से अगरवत्तियाँ लाकर सब तरफ जला दी…………..

Description about eBook : Sayed Panditji’s house before emptying his luggage and his wife had arrived at the house. In those hours by the Hindu religion as Bajrang have set the affinity. So far Bajrang Service was protecting its owner, but the owner of the hand that touched the food was unjustly confined in understanding antechamber. He was pleased to find Brahmin masters. House cleaning ‘mother Shaib’ (mother-in-law) was to help. He took water from the tap in the yard and helped wash chambers. By bringing all the burnt market Agrwattiya……………….

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