फिरदौसी शाहनामा : नासिरा शर्मा द्वारा मुफ्त हिंदी पीडीएफ पुस्तक |  Firdausi Shahnama : by Nasira Sharma Free Hindi PDF Book

पुस्तक का विवरण : जिस शायर को समय ने नकारते हुए कब्रिस्तान में दफ़न होने कि इजाजत महज इसलिए नहीं दी कि वह काफ़िर शिया है, हजार वर्ष बाद आज उसकी आरामगाह पर दशकों का मेला लगा हुआ है| साठ हजार शेरो को महाकाव्य में ढालने वाला अबू अल कासिम हसन बिन अली तूसी (फिरदौसी) एक खुशहाल खेतिहर परिवार में पैदा हुआ था| इसीलिए शाहनामा की कई दास्तानों के शुरू में फिरदौसी अपने लिए दहकान (ग्रामवासी) शब्द का प्रयोग करते हुए लिखते हैं किअब इस दहकान से यह कहानी सुनो…………..

Description about eBook : The shayar who refused to accept the time of burial in the cemetery merely because he is a Kafir Shia, after thousands of years, there has been a decades-old fair on his resting place. Abu al-Qasim Hassan Bin Ali Tuci (Firadausi) was born in a happy farming family, who imposed 60 thousand sheres in epic. That is why, at the beginning of many Shahnamah’s many giants, the Firdausi used to write for themselves the word ‘Dhakhan’ (villagers). Now listen to this story from this Dhakan……………….

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