भाग्य चक्र : श्रीयुत सुदर्शन द्वारा मुफ्त हिंदी धार्मिक पीडीएफ पुस्तक |  Bhagya Chakra : by Shriyut Sudarshan Free Hindi Religious PDF Book

पुस्तक का विवरण : अपने व्यवहार को मैंने दो श्रेणियों में बाँटने का प्रयास किया है। कुछ ऐसे व्यवहार हैं जिन्हें मैंने विचारपूर्वक सम्पन्न करने का प्रयत्न किया है तथा दूसरे वे व्यवहार हैं जिनके पीछे किसी प्रकार की सुविचारित योजना नहीं रही जिनके लिए कुछ प्रयास भी नहीं किया और कभी कुछ किया तो फल उस विचारित प्रयास के अनुकूल नहीं हुआ। इसका कारण मैं भाग्य का चक्र मानता हूँ।  मेरा विश्वास है कि ऐसी अनेक घटनाएँ प्रत्येक व्यक्ति के साथ घटती हैं, परन्तु व्यक्ति अपने कार्यों में व्यस्त रहते हुए अथवा विचारशीलता के अभाव में उन घटनाओं की ध्यान दिए बिना जीवन व्यतीत करता चला जाता है। मेरा ध्यान इन घटनाओं की ओर गया तो फिर मैं अपने पूर्ण जीवन पर अवलोकन करने लगा। जब एक बार इस दिशा में अवलोकन आरम्भ हुआ तो फिर ऐसा दिखाई दिया कि जीवन की आधी से अधिक घटनाएँ इस भाग्य-चक्र के अन्तर्गत हैं। जीवन की शेष घटनाएँ तो सामान्य रोटी, कपड़ा, मकान उपलब्ध करने का प्रयास मात्र हैं…………..

Description about eBook : I have tried to divide my behavior into two categories. There are some behaviors that I have tried to accomplish with consideration and other behaviors behind which there are no deliberate plans for which there have not been any effort or done anything, the result is not conducive to that thoughtful effort. The reason for this is that I consider the cycle of fate. I believe that many such incidents happen with each person, but the person goes on living without doing the attention of those incidents in the absence of his work or in the absence of thoughtfulness. My attention went towards these events, then I started observing my whole life. Once the observation started in this direction, then it was seen that more than half of life’s events are under this fortune-cycle. The remaining events of life are merely an attempt to make common bread, cloth, house………………

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