राज्य सभा के सदस्यों के जीवन वृत्त : शंकर दयाल शर्मा द्वारा मुफ्त हिंदी पीडीएफ पुस्तक | Rajya Sabha Ke Sadasyon Ke Jeevan Vratt : Shankar Dayal Sharma Free Hindi PDF Book  

पुस्तक का विवरण : मई, १९५२ में राज्य सभा के अस्तित्व में आने के बाद, राज्यसभा के सदस्यों के संक्षिप्त जीवन वृत्त का यह ग्रन्थ उस समय प्रकाशित किया जा रहा है जबकि राज्य सभा अपने पांचवे दशक में प्रवेश करने वाली है| राज्य सभा की यह विशेषता है कि यह सभा निरंतर बनी रहती है- उसे कभी भंग नहीं किया जाता बल्कि निर्धारित अवधि के बाद इसमें आंशिक रूप से नए सदस्य आते रहते हैं | इस प्रकार हमारी संसदीय लोकतंत्र पद्धति के इस महत्वपूर्ण निकाय में निरंतरता अंतर्निहित है| डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन, डॉ जाकिर हुसैन, श्री वराहगिरी वेंकट गिरी, श्री गोपाल स्वरुप पाठक, श्री बासप्पा दानप्पा जत्ती, श्री मोहम्मद हिदायतुल्लाह, श्री रामास्वामी वेंकटरामन जैसे पूर्ववर्ती महानुभावों ने राज्य सभा की कार्यवाही का मार्गदर्शन किया तथा परिपाटियों और परम्पराओं को स्थापित करने में सहायता की| उन्हीं के द्वारा विकसित प्रक्रियाओं से आज राज्य सभा का संचालन होता है…………..

Description about eBook : In May 1952 after coming into force of the Council, members of the Rajya Sabha, the text of the brief biography is being published at that time. While the Council is about to enter its fifth decade. This characteristic of the Council that this House remains constant is- but it is not cut off after a set period partly new members keep coming. Thus our system of parliamentary democracy in this important body is the underlying continuity. Dr. S. Radhakrishnan, Dr Zakir Hussain, Mr. Vrahgiri Venkata Giri, Gopal Swarup Pathak, Mr Basppa Danppa Jatti, Mr. Mohammad Hidayatullah, Mr. Ramaswamy Venkataraman, former dignitaries such as guiding the proceedings of the Council and helped to establish practices and traditions of. Procedures developed by them, operated by the Rajya Sabha………………..

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